राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली
(राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक इकाई)
राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली
A Unit of National Council of Science Museums

शैक्षणिक गतिविधियां >>  गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण

विशेष आकर्षण

केंद्र में गतिविधियाँ

स्मृति दिवस

स्मरणीय दिवसों का आयोजन जनसामान्य एवं मीडिया के बीच इन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दिवसों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाता है। प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, विश्व ओजोन दिवस, विश्व जनसंख्या दिवस, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, अभियंता दिवस आदि जैसे अनेक स्मरणीय दिवसों का आयोजन किया जाता है, जो समाज में वैज्ञानिक चेतना एवं वैश्विक मुद्दों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान

लोकप्रिय विज्ञान व्याख्यान, इस मूल विचार पर आधारित हैं कि विज्ञान को सरल बनाकर उसे अधिक रोचक एवं आकर्षक बनाया जा सकता है। इसी प्रयोजन से इन व्याख्यान कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें समसामयिक एवं महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक विषयों पर विद्यार्थियों को संबोधित करने हेतु प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं उत्कृष्ट वक्ताओं को आमंत्रित किया जाता है।इस मंच के माध्यम से नोबेल पुरस्कार विजेता, भारत एवंअंतर्राष्ट्रीयस्तर के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों तथा शिक्षाविदों जैसी विशिष्ट विभूतियों को विद्यार्थियों के साथ संवाद एवं विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया जाता है, जिससे उन्हें विज्ञान के विविध पहलुओं को समझने, सीखने एवं प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

विज्ञान मेला

विज्ञान मेला का आयोजन युवा मस्तिष्कमें विज्ञान, अभियांत्रिकी एवं गणित के प्रति सक्रिय रुचि उत्पन्न करने तथा उनकी शोध क्षमता एवं रचनात्मकता को विकसित करने के उद्देश्य से किया जाता है। ये मेले विद्यार्थियों को अपने नवाचारों एवं परियोजनाओं को प्रस्तुत करने हेतु एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। इसके माध्यम से उन्हें निर्णायकगणों एवं आम जनता के समक्ष अपने कार्यों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है तथा उनके प्रयासों को सार्वजनिक पहचान एवं प्रोत्साहन प्राप्त होता है।

विज्ञान नाटक

यहकार्यक्रम प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य विज्ञान संचारकों को विज्ञान संप्रेषण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नाट्य विधा के प्रयोग एवं अन्वेषण के लिए प्रेरित करने हेतु आयोजित किया जाता है। यह प्रतियोगिता प्रारंभ में ब्लॉक, जिला, राज्य एवं तत्पश्चात क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है, जहाँ से चयनित विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने का अवसर प्राप्त होता है। यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों, भाषाओं एवं संस्कृतियों के विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर आपसी संवाद, रचनात्मकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट व अनूठा अवसर प्रदान करता है।

विज्ञान शो

क्या विज्ञान सीखना मनोरंजक हो सकता है? इसका उत्तर है —हाँ!!! यदि विज्ञान को अत्यंत रोचक एवं मनोरंजकतरीके से प्रस्तुत किया जाए, तो उसका अध्ययन अत्यंत सरल एवं आनंददायक बन सकता है।विज्ञान शो का उद्देश्य विद्यार्थियों तथा सामान्य आगंतुकों में विज्ञान के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा उत्पन्न करना है। इन शो के दौरान प्रदर्शक किसी विशेष विषय पर आधारित रोमांचक प्रयोगों का प्रदर्शन एवं व्याख्या करते हैं। इन प्रयोगों के परिणाम आश्चर्यजनक, मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक होते हैं।केंद्र में “अनएक्सपेक्टेड साइंस”, “सुपर कोल्ड शो” आदि विषयों पर विभिन्न विज्ञान शो आयोजित किए जाते हैं, जिसमें विज्ञान को सरल, रोचक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाता है।

विज्ञान संगोष्ठी

यह एक ऐसा सशक्त मंच है, जहाँ विद्यार्थी अपनी कल्पनाशील, नवाचारी एवं सृजनात्मक सोच को अभिव्यक्त करते हुए आधुनिक जीवनशैली एवं मानवता के भविष्य से संबंधित समस्याओं के समाधान प्रस्तुत कर सकते हैं।इन विषयों में प्रदूषण, प्राकृतिक संसाधनों का क्षय, भारत के भावी अंतरिक्ष मिशन अथवा सर्नजैसे अंतर्राष्ट्रीय मेगा वैज्ञानिक प्रयोगों से संबंधित मुद्दे शामिलहोते हैं।

आकाश अवलोकन

आकाश अवलोकनके अंतर्गतचंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, शुक्र ग्रह का पारगमन (वीनस ट्रांजिट) आदि खगोलीय घटनाएँ प्रकृति द्वारा प्रस्तुत अद्भुत आकाशीय नाट्य हैं। ये घटनाएँ क्यों घटित होती हैं तथा इन्हें किस प्रकार देखा एवं समझा जा सकता है, यह एक अत्यंत रोमांचकारी एवं ज्ञानवर्धक अनुभवहोता है।केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक अपवर्तक दूरबीनकी सहायता से खगोल विज्ञान विशेषज्ञ विद्यार्थियों एवं जनसामान्य के लिए रात्रिकालीन आकाश अवलोकन सत्र आयोजित करते हैं। इन सत्रों में तारामंडलों (नक्षत्र) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की पहचान कराई जाती है तथा विशेष खगोलीय घटनाओं का अवलोकन कराया जाता है।

विज्ञान प्रश्नोत्तरी

“कैसे”, “कब”, “क्यों” और “क्या” — ये विज्ञान प्रश्नोत्तरी के पारंपरिक प्रश्न हैं। किंतु सामान्य रूप से आयोजित पारंपरिक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं से अलग, केंद्र में विज्ञान प्रश्नोत्तरी को सहभागितापूर्ण एवं संवादात्मक शैली में आयोजित किया जाता है।इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के समक्ष विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग एवं प्रदर्शन प्रस्तुत किए जाते हैं, जिनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं कारणों को समझाते हुए उन्हें उत्तर देना होता है। यह वार्षिक आयोजन दिल्ली के सैकड़ों विद्यालयों की सक्रिय सहभागिता के साथ आयोजित किया जाता है, जो विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, उत्साह एवं नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करता है।

शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम

इसका उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं वैज्ञानिक अवधारणाओं के प्रभावी प्रस्तुतीकरण हेतु सक्षम बनाना है। वर्षों के दौरान, शिक्षण की विधियों में व्यापक परिवर्तन आया है। हैंड्स-ऑन गतिविधियाँ, मल्टीमीडिया, स्मार्ट बोर्ड आदि आधुनिक शिक्षण प्रणाली का अभिन्न अंग बन चुके हैं, किंतु विज्ञान के मूलभूत सिद्धांत आज भी अपरिवर्तित एवं प्रासंगिक हैं।एक शिक्षक, विद्यार्थी और विज्ञान शिक्षा के मध्य महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाता है।इसी दृष्टिकोणको ध्यान में रखते हुए, केंद्र द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि प्रशिक्षित शिक्षक अपने ज्ञान, कौशल एवं प्रेरणा से असंख्य विद्यार्थियों के मन में वैज्ञानिक चेतना एवं जिज्ञासा की ज्योति प्रज्वलित कर सकें।

ग्रीष्मकालीन रुचि शिविर

रचनात्मकता एक विशिष्ट मानसिक प्रक्रिया है,जिसके परिणामस्वरूप मौलिक एवं नवीन सृजन उत्पन्न होता है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उनके नवाचारी/अभिनव विचारों को सार्थक किट अथवा मॉडल के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया जाता है।यह शिविर उन सभी विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी मंच है, जिनमें उत्कृष्टता प्राप्त करने, जिज्ञासा प्रदर्शित करने तथा रचनात्मक एवं सकारात्मक ढंग से कुछ नया करने की सच्ची लगन होती है।

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